Wednesday, January 23, 2019

मंत्री जायसवाल के बंगले पर बसपा विधायक का कब्जा, पीडब्लूडी की आपत्ति के बाद छोड़ा

दमोह के पथरिया से बसपा विधायक राम बाई के के समर्थकों ने भोपाल में मंत्री प्रदीप जायसवाल को आवंटित बंगले पर कब्जा कर लिया, हालांकि पीडब्लूडी की आपत्ति पर उन्होंने बुधवार सुबह इस पर लगा अपना ताला हटा लिया है, लेकिन विधायक अब जिद कर रही हैं कि उन्हें अब यही बंगला चाहिए है।

पथरिया की बसपा विधायक राम बाई के लोगों ने 74 बंगले के बी-12 बंगले पर ताला मार दिया। इसके पहले विधायक रामबाई खुद एक दिन 74 बंगले आई थीं और खाली बंगलों के बारे में पूछताछ की थी। बी-12 बंगले को पहले मंत्री कमलेश्वर पटेल को आवंटित किया गया था, उन्होंने इसे नहीं लिया तो मंत्री प्रदीप जायसवाल को एलॉट कर दिया गया। बंगले में पीडब्ल्यूडी ने रेनोवेशन का काम भी कराया है।

बताया जा रहा है कि सोमवार को पथरिया विधायक के समर्थक यहां आए और उन्होंने बंगले में ताला लगा दिया। तब से ही इस बंगले में ताला लगा हुआ है। हालांकि इसकी सूचना जैसे ही पीडब्ल्यूडी को लगी तो उनकी आपत्ति के बाद बुधवार को बंगले का ताला खोल दिया गया। बता दें कि राम बाई ने कमलनाथ सरकार को चेतावनी दी है कि उन्हें मंत्री बनाया जाए, वरना कांग्रेस सरकार का हाल कर्नाटक जैसा हो सकता है। 

भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेयी का कहना है कि कांग्रेस सरकार आने के बाद अराजकता का माहौल हो जाता है। अपराध बढ़ जाते हैं। बसपा विधायक का एक बंगले पर कब्जा किया जाना इसका उदाहरण है। वहीं, कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल का कहना है कि बसपा विधायक रामबाई से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने उस बंगले पर ताला क्यों लगवाया। ये जांच का विषय है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।

उस बंगले पर हमने अपनी मर्जी से ताला नहीं लगवाया। हमें मुख्यमंत्री कमलनाथ, पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन वर्मा और विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा था कि जिस बंगले को चाहो ले लो। अपना सामान रख दो और ताला लगा दो। तभी हमने वहां पर ताला लगवाया था। अब वही बंगला मुझे चाहिए।

सीबीडीटी के मुताबिक 21 दिन में रिटर्न दाखिल होने या उचित जवाब मिलने पर मामला खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ तो आयकर कानून के मुताबिक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

सीबीडीटी का कहना है कि आयकर रिटर्न के संबंध में इनकम टैक्स ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है। रिटर्न भरने से लेकर जवाब दाखिल करने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन है।

अमूल गुरुवार से देश में पहली बार ऊंटनी के दूध की बिक्री करेगा। इसकी शुरुआत गुजरात के अहमदाबाद, कच्छ और गांधीधाम से की जाएगी। अमूल का स्वामित्व सहकारी महासंघ गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के पास है। इसके साथ राज्य की 18 डेयरियां जुड़ी हैं। 

फेडरेशन के महाप्रबंधक आरएस सोढी ने मंगलवार को बताया कि ऊंटनी का दूध कल से आधा लीटर की बोतल में मिलेगा। इस दूध के कई तरह के फायदे हैं। यह मधुमेह की बीमारी को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें कई तरह के पोषक और औषधीय गुण हैं। इसकी कीमत 50 रुपए प्रति लीटर होगी। यह दूध आसानी से पच जाता है। साथ ही यह दूध वे लोग भी पी सकते हैं, जिन्हें गाय और भैंस के दूध से एलर्जी है।

ऊंटनी के दूध की चॉकलेट पहले लॉन्च हुई

सोढी ने बताया, "महासंघ के तहत आने वाली कच्छ की सरहद डेयरी ने शुरूआत में चार से पांच हजार लीटर ऊंटनी का दूध प्रतिदिन एकत्रित करना शुरू किया है। यह मात्रा बढ़ने पर इसे अन्य स्थानों पर भी लॉन्च किया जायेगा।"

"पिछले साल ऊंटनी के दूध की चॉकलेट लॉन्च की गई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया है। अमूल के ऊंटनी के दूध को फ्रिज में तीन दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है।"

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